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Corona Effect in Transmission Line in Hindi | Engineer Dost

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Corona effects on transmission line produce Voilet light

इस आर्टीकल में हम जानेंगे Corona effect या Corona loss क्या होता है। Crona effect का कारण, Corona effect को कैसे कम करते हैं और इसके नुकसान क्या होते हैं।


Corona Effect:


ओवर हेड ट्रांसमिशन लाइन में फेज कंडक्टर्स(चालकों) के बीच हानियों को घटाने के लिए ज्यादा वोल्टेज को ट्रांसमिट किया जाता है। जिस वजह से कंडक्टर(विद्युत तार) के चारों ओर प्रबल विद्युत क्षेत्र रहता है। 


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इस प्रबल विद्युत क्षेत्र(विद्युत-चुम्बकीय क्षेत्र) और उससे उत्पन्न वोल्टेज का मान, कंडक्टर से दूरी के साथ-साथ घटता रहता है। इस घटना को पोटेंशियल ग्रेडिएंट या विभव प्रवणता कहते हैं।


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ओवर हेड कंडक्टर या तार हमेशा हवा में लटके हुए रहते हैं जिससे हवा इन कंडक्टर के बीच एक डाईइलेक्ट्रिक मीडियम (कुचालक) की तरह काम करती है। कंडक्टर के चारों ओर प्रबल विद्युत क्षेत्र के कारण हवा का आयनिकरण (Ionization) हो जाता है। जिससे विद्युत धारा कंडक्टर के साथ-साथ हवा में भी बहने लगती है। इस घटना को हवा का ब्रेकडाउन कहते हैं।


सामान्य ताप व दाब पर हवा की डाईइलेक्ट्रिक स्ट्रेंथ 30KV/Cm होती है। यदि 1सेमी दूरी पर स्थित दो कंडक्टर के बीच पोटेंशियल ग्रेडिएंट 30KV से अधिक होगा तो हवा में ब्रेकडाउन होने लगता है। 


अतः कंडक्टर के चारों तरफ हवा के आयनीकरण से बैंगनी रंग के प्रकाश के साथ हिसिंग(जैसे-साँप की आवाज) की आवाज आती है। इस पूरी घटना को Corona effect कहते हैं।

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Corona effect/Loss का कारण:


1- मौसम की वजह:


सामान्य मौसम में Corona Loss प्रति किमी के हिसाब से बहुत कम होता है। लेकिन मौसम खराब होने या नमी होने पर हवा में आवेश वाहक की मात्रा बड़ जाती है जिससे Corona Loss भी काफी बड़ जाता है।


2- चालक की बनावट:


कंडक्टर जितना गोल होगा उतना Corona कम होगा। चपटा या खुरदुरा होने से उसमे पानी या दूसरे कण रुक सकते हैं और विद्युत क्षेत्र भी एक समान नही बनेगा अतः Corona ज्यादा होगा।


3- ट्रांसमिट वोल्टेज-


वोल्टेज ज्यादा होने से Corona effect ज्यादा और वोल्टेज कम होने से Corona effect कम होगा। 


4- सप्लाई फ्रीक्वेंसी:


फ्रीक्वेंसी जितनी अधिक होगी Corona effect भी उसके अनुसार बढ़ता है।

5- हवा का घनत्व:


हवा का घनत्व ज्यादा होने से उसमे बहाव कम होगा और आवेश वाहक भी मूव कम करेंगे। अतः Corona effect भी कम होगा।


Corona को कम करने के उपाय: 



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  • Steel core aluminum conductors (ACSR) चालक के डायामीटर को बड़ाने से  या फिर खोखले चालक का उपयोग कर Corona effect कम किया जाता है।

  • ट्रांसमिशन वोल्टेज को कुछ हद तक कम करने से।

  • चालक तारों के बीच की दूरी को बढ़ाकर लेकिन दूरी ज्यादा नही बड़ा सकते इससे टावर स्ट्रक्चर बढेगा और सिस्टम महंगा हो सकता है।

  • इलेक्ट्रिक फील्ड नुकीली जगहों या एन्ड पॉइंट में अधिक शक्तिशाली होता है अतः Corona effect भी वही अधिक होगा। इसलिए उन जगहों पर Corona रिंग का उपयोग किया जाता है।

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  • चालक तारों का बण्डल बनाने से डायामीटर बढेगा और Corona effect कम होगा।


Corona effect से नुकसान:


1- पावर लॉस:


Corona से ट्रांसमिशन लाइन में बैंगनी प्रकाश और नॉइज़ बताता है कि पावर का लॉस होता है।

2- वोल्टेज रेगुलेशन:


Corona effect से वोल्टेज रेगुलेशन भी खराब हो जाता है।

3- ओज़ोन गैस:


Corona effect से ओज़ोन गैस निकलती है जिससे चालक के चारों ओर जंग लग सकता है। और कंडक्टर की लाइफ कम हो सकती है।

4- रेडियो-टीवी इंटरफेरेंस:


Corona से रेडियों और Tv का ब्राडकास्टिंग में इंटरफेरेंस बढ़ जाता है। जो कि बहुत बड़ी परेशानी का कारण होता है। अतः ट्रांसमिशन लाइन इंस्टालेशन के समय उचित दूरी का ध्यान देना होता है।


आशा करते हैं आर्टीकल Corona Effect in Transmission Line in Hindi Engineer Dost (इंजीनियर दोस्त) आपको अच्छा लगा होगा। 

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